BAD
INDIA
संजय कुमार का कॉलम:वोटरों का भरोसा कायम, पर अंदरूनी लड़ाइयां भारी पड़ीं
हाल के वर्षों में राजनीति पर नजर डालें तो पता चलता है कई स्थापित क्षेत्रीय पार्टियां न केवल सत्ता से बाहर हो गईं, बल्कि उनमें से कुछ अस्तित्व का संकट भी झेल रही हैं। इसका प्रमुख कारण यह नहीं है कि ये जनाधार खो चुकी हैं। इनके पतन का कारण पार
Read the original at दैनिक भास्कर ↗