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INDIA
एन. रघुरामन का कॉलम:अंग्रेजी पढ़ाने से पहले बच्चों को इसे बोलना सिखाइए
हरप्रीत कौर बार-बार बजती डोरबेल की आवाज से जागीं। उन्हें पता था कि दूधवाला इंतजार कर रहा है। दरवाजा खोलते ही वे माफी मांगते हुए टूटी-फूटी कन्नड़ में बोलीं, ‘सॉरी, इरडु लीटर हालू बेकू’ (सॉरी, दो लीटर दूध चाहिए)। काफी देर के इंतजार के कारण दू
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