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INDIA
आतंकियों की गोली ने छीन ली चलने की ताकत, जावेद टाक ने हौसले से संवारी हजारों बच्चों की जिंदगी

इक्कीस साल की उम्र में एक गोली ने उनसे चलने की ताकत छीन ली. उन्होंने बिस्तर से बच्चों को पढ़ाना शुरू किया. उन्होंने अपनी दिव्यांगता को बाधा नहीं बनने दिया. आज स्कूल के बच्चे उन्हें सर कहते हैं.
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