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CRIME
'एक व्यक्ति के जीवन के 22 साल बिना विश्वसनीय सबूत के छीन लिए गए ', सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के दोषी को किया बरी

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर, थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर उससे इकबालिया बयान कराना और फिर उसी आधार पर दोषी ठहराना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है.
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